लखीसराय। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लखीसराय जिले में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं, निचले इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है और अब इसका असर रेलवे परिचालन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। भारी बारिश के कारण किऊल–भागलपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति कजरा रेलवे स्टेशन के समीप देखने को मिली, जहां रेलवे ट्रैक पर करीब दो फीट पानी जमा हो गया। सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। इसके चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर घंटों तक खड़ी रहीं और हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार 22948 भागलपुर–सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे से अभयपुर रेलवे स्टेशन पर रुकी रही। वहीं जमालपुर–किऊल डीएमयू को धरहरा स्टेशन पर रोक दिया गया, जबकि गया–जमालपुर पैसेंजर दशरथपुर स्टेशन पर घंटों तक खड़ी रही। अचानक ट्रेनों के रुक जाने से यात्रियों में बेचैनी बढ़ गई और कई लोगों की आगे की यात्रा प्रभावित हुई।
रेलवे ट्रैक पर जलजमाव के साथ-साथ कजरा, अभयपुर और आसपास के बाजारों में भी पानी भर गया है। कई सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित रही। दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। अभयपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि कजरा के पास रेलवे ट्रैक पर लगभग दो फीट पानी जमा हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से रोका गया है। रेलवे की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण कर रही है। पानी का स्तर कम होने और ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही परिचालन बहाल किया जाएगा। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। लगातार बारिश ने एक बार फिर जिले में जलनिकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल लखीसराय के कई इलाकों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं और लोगों को राहत मिलने का इंतजार है।






