लखीसराय। अशोकधाम मंदिर में हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद जन सुराज के संस्थापक सह बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर मंगलवार को लखीसराय पहुंचे और हादसे से प्रभावित परिवारों एवं घायलों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मिलकर उनका दुख साझा किया और घायलों से अस्पताल में इलाज की जानकारी ली। इस दौरान प्रशांत किशोर ने हादसे को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण और व्यवस्था को लेकर वह गंभीरता नहीं दिखाई, जो दिखाई जानी चाहिए थी।

मृतक मणिमाला देवी के परिजनों से मुलाकात करते प्रशांत किशोर
मृतक मणिमाला देवी के परिजनों से मुलाकात करते प्रशांत किशोर फोटो: लखीसराय लाइव

बड़हिया में मृतका के परिजनों से की मुलाकात

लखीसराय पहुंचने के बाद प्रशांत किशोर सबसे पहले बड़हिया पहुंचे। यहां उन्होंने अशोकधाम हादसे में जान गंवाने वाली मणिमाला देवी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिवार से घटना की जानकारी ली और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।

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परिजनों से मुलाकात करते प्रशांत किशोर
परिजनों से मुलाकात करते प्रशांत किशोर फोटो: लखीसराय लाइव

बालगुदर में घायलों का जाना हाल

इसके बाद प्रशांत किशोर बालगुदर पहुंचे, जहां उन्होंने भगदड़ में घायल गुंजन कुमारी, तन्नू कुमारी एवं गायत्री देवी से मुलाकात की। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत कर घटना के दौरान की परिस्थितियों और इलाज की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद वे निशा नर्सिंग होम पहुंचे, जहां हादसे में घायल शेखपुरा के रसलपुर निवासी गोपाल सिंह के पुत्र सुशांत कुमार और पुत्री साक्षी कुमारी से मुलाकात कर उनका हाल जाना।

प्रतापपुर में एक ही परिवार के तीन मृतकों के परिजनों से मिले

प्रशांत किशोर इसके बाद हलसी प्रखंड के प्रतापपुर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने उस परिवार के परिजनों से मुलाकात की, जिसने अशोकधाम हादसे में अपने तीन सदस्यों को खो दिया है। उन्होंने प्रतापपुर निवासी हेमलता देवी, ललिता देवी और सविता देवी के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घटना को बेहद पीड़ादायक बताया।

निशा हॉस्पिटल में घायल से मुलाकात करते प्रशांत किशोर
निशा हॉस्पिटल में घायल से मुलाकात करते प्रशांत किशोर फोटो: लखीसराय लाइव

बोले- सिर्फ मुआवजा देकर मामले को रफा-दफा किया जाता है

मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में जब भी कोई दुर्घटना होती है तो उसे सिर्फ चंद पैसों के मुआवजे के साथ रफा-दफा कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अशोकधाम हादसे के मामले में भी अभी तक किसी प्रशासनिक अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशांत किशोर ने कहा, “कल जो दुखद घटना हुई है, लोगों से बातचीत करने के बाद प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण और पूरी व्यवस्था को लेकर वह गंभीरता नहीं दिखाई, जो उन्हें दिखानी चाहिए थी।”

डीएम से लेकर थानेदार तक कार्रवाई पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डीएम, एसपी, एसडीएम, डीएसपी और थानेदार में से किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हादसे में सात लोगों की जान चली गई, लेकिन अभी तक एक भी हवलदार या कॉन्स्टेबल को निलंबित नहीं किया गया है। उन्होंने घटना की जिम्मेदारी तय करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

हादसे के बाद व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल

अशोकधाम में हुई भगदड़ के बाद प्रशासनिक व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशांत किशोर का लखीसराय दौरा भी इसी पृष्ठभूमि में हुआ। उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और सरकार एवं प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की। अशोकधाम हादसे में सात लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि घटना की जांच में क्या सामने आता है और प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी तय करते हुए क्या कार्रवाई की जाती है।