लखीसराय। बिहार आपूर्ति सेवा संघ के आह्वान पर लखीसराय आपूर्ति पदाधिकारियों और आपूर्ति निरीक्षकों ने गुरुवार को काला बिल्ला लगाकर अपनी 10 सूत्री मांगों के समर्थन में सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। लखीसराय अनुमंडल सभाकक्ष में भी अधिकारियों ने काला बिल्ला लगाकर विभागीय व्यवस्था और सेवा हित से जुड़ी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। संघ का यह विरोध कार्यक्रम 20 से 26 अगस्त तक चलेगा। मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करने की चेतावनी दी गई है।

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11 लाख से अधिक राशन कार्ड के लक्ष्य पर संसाधनों की कमी

लखीसराय आपूर्ति पदाधिकारियों का कहना है कि राज्यभर में 11 लाख से अधिक नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रखंड स्तर पर आवेदनों की स्थलीय जांच और निर्धारित मानकों का सत्यापन करना है, लेकिन पर्याप्त मानव बल, वाहन और तकनीकी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारियों के अनुसार T+1, T+2 और T+3 जैसी समय-सीमा में कार्य पूरा करना मौजूदा संसाधनों के अभाव में व्यवहारिक चुनौती बन रहा है। संघ ने राशन कार्ड अभियान के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और अनुचित दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।

काला बिल्ला लगाकर आवाज बुलंद करते आपूर्ति पदाधिकारी
काला बिल्ला लगाकर आवाज बुलंद करते आपूर्ति पदाधिकारी फोटो: लखीसराय लाइव

10 सूत्री मांगों को लेकर आपूर्ति पदाधिकारी मुखर

बिहार आपूर्ति सेवा संघ ने प्रत्येक प्रखंड को विभागीय वाहन अथवा उचित वाहन भत्ता देने की मांग की है। इसके साथ ही प्रखंड आपूर्ति कार्यालयों को पर्याप्त संसाधन और बजट उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक कार्यालय में दो सहायक और दो अनुसेवक की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई है। प्रोन्नति के मुद्दे पर भी संघ ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। संघ की मांग है कि प्रथम प्रोन्नति पर Pay Level-8 के स्थान पर Pay Level-9 का लाभ दिया जाए। करीब 200 रिक्त पदों पर अविलंब DPC कराकर प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की भी मांग की गई है।

18 वर्षों से लंबित Cadre Restructuring का मुद्दा

आपूर्ति सेवा का Cadre Restructuring करीब 18 वर्षों से लंबित होने का दावा करते हुए संघ ने इसे जल्द पूरा करने की मांग की है। इसके अलावा आपूर्ति निरीक्षक के पदनाम को बदलकर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी करने और राजपत्रित दर्जा देने की मांग भी प्रमुख है। संघ ने PDS से जुड़ी जिम्मेदारियों के अनुरूप अधिकारियों को आवश्यक प्रशासनिक एवं प्रवर्तन शक्तियां देने की मांग की है। अतिरिक्त कार्य या अवकाश दिवस में ड्यूटी करने के बदले भोजन एवं प्रतिपूरक अवकाश उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।

मांगें नहीं मानी गईं तो बढ़ेगा आंदोलन

आपूर्ति पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन टकराव के लिए नहीं, बल्कि कार्यव्यवस्था में सुधार, अधिकारों की स्पष्टता और सेवा हितों के संरक्षण के लिए है। संघ का नारा है— “संसाधन दो, अधिकार दो, सम्मान दो, प्रोन्नति दो—बिहार आपूर्ति सेवा की जायज मांगें पूरी करो।” संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए सामूहिक अवकाश और अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में आपूर्ति व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है।