लखीसराय: जिला अवर निबंधक कार्यालय परिसर में 23 जुलाई 2026 को हुई आगजनी की घटना के बाद जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया है। डीएम शैलेन्द्र कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि घटना की वास्तविक स्थिति और आग लगने के कारणों की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराई जाएगी। आदेश के अनुसार, इससे पहले जिला गोपनीय शाखा द्वारा 11 जुलाई 2026 को जिला अवर निबंधक का प्रभार मिलने में हुई देरी के कारण सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना से उच्चस्तरीय विभागीय एवं तकनीकी जांच दल गठित करने का अनुरोध किया गया था। इसके आलोक में विभाग ने 25 जुलाई 2026 को त्रिस्तरीय जांच दल का गठन कर दिया है।
डीएम शैलेन्द्र कुमार ने निर्देश दिया है कि जांच टीम के आने तक आग से प्रभावित परिसर को यथास्थिति में रखा जाए। साथ ही आग से प्रभावित अभिलेखों एवं सामग्रियों की तत्काल वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाए, ताकि जांच के दौरान सभी साक्ष्य सुरक्षित रह सकें। आदेश में अंचल अधिकारी, लखीसराय तथा थाना अध्यक्ष, लखीसराय को निर्देशित किया गया है कि वे आग से प्रभावित स्थल को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित कराएं और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न होने दें। जांच दल के आगमन पर दोनों अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर जांच में पूरा सहयोग देंगे।
इसके अलावा अग्निशमन पदाधिकारी एवं विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, लखीसराय को आग लगने के कारणों की तकनीकी जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों और हुई क्षति की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।






