लखीसराय (बड़हिया): बड़हिया प्रखंड के हिरदन बिगहा में सरकारी गैरमजरुआ भूमि पर कथित अतिक्रमण और निर्माण को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व वार्ड सदस्य पूनम देवी ने अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) लखीसराय को नया आवेदन देकर आरोप लगाया है कि न्यायालय के स्पष्ट “Maintain Status Quo” (यथास्थिति बनाए रखने) के आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण कार्य लगातार जारी है। उन्होंने दावा किया है कि निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है और यदि तत्काल हस्तक्षेप नहीं हुआ तो मकान की छत ढाल दी जाएगी।

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आवेदन के मुताबिक मामला वाद संख्या 200M2/2026 से जुड़ा है। विवाद मौजा हिरदन बिगहा, थाना संख्या-189, खाता संख्या-68, खेसरा संख्या-184 की करीब साढ़े चार एकड़ गैरमजरुआ आम, मरांग तथा गंगा जल बहाव एवं निकासी की सरकारी भूमि से संबंधित है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस भूमि पर ग्रामीण सुदीप कुमार उर्फ बब्लू सिंह एवं गोविंद कुमार द्वारा निजी मकान का निर्माण कराया जा रहा है। पूनम देवी का कहना है कि इस मामले की शिकायत उन्होंने पहली बार 16 मार्च 2024 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से बड़हिया थाना और अंचलाधिकारी को भेजी थी। इसके बावजूद कथित अवैध निर्माण नहीं रुका। बाद में उन्होंने बीएनएसएस की धारा-152 के तहत अनुमंडल न्यायालय में परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान 4 जून 2026 को अनुमंडल दंडाधिकारी, लखीसराय ने वाद संख्या 200M/2026 में “Maintain Status Quo” का आदेश पारित करते हुए बड़हिया के अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष से अनुपालन सुनिश्चित कराने और प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

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आदेश की प्रति उसी दिन संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई। इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायत मिलने पर 16 जून 2026 को बड़हिया के अंचलाधिकारी ने थाना प्रभारी को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिया कि विवादित गैरमजरुआ भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं होने दिया जाए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायत प्राप्त हो चुकी है तथा मुख्यमंत्री सचिवालय से भी पत्र प्राप्त हुआ है। आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि न्यायालय के आदेश और अंचलाधिकारी के निर्देश के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुका।

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उन्होंने बताया कि 16 जून और 30 जून 2026 को भी प्रशासन को स्मार पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अब तक निर्माण पर रोक नहीं लगाई गई। उनके अनुसार फिलहाल मकान की छत ढलाई का कार्य शेष है और अगले दो-तीन दिनों में निर्माण पूरा होने की संभावना है। पूनम देवी ने अपने ताजा आवेदन में कहा है कि यदि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता है तो न्यायालय के आदेश का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने अनुमंडल दंडाधिकारी से यथाशीघ्र न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने, विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने तथा आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।